दिल्ली [वॉयस ऑफ़ भारत ] भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक और आज़ाद हिन्द सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस पर उनके चरणों में हमारा शत -शत नमन। भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एक ऐसे महानायक हैं जिन्होंने उस समय के सबसे शक्तिशाली अंग्रेजी शासकों के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध किया और अंग्रेजी साम्राज्य की जड़ों को हिला कर रख दिया। नेताजी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लड़ रही देशों की संयुक्त सेना के साथ अपनी आज़ाद हिन्द फ़ौज़ को भी युद्ध के मैदान में उतार कर दुश्मनों के हौंसलें पस्त कर दिए। अफ़सोस जनक बात यह रही की देश की आज़ादी मिलते समय नेताजी न जाने कहाँ लोप हो गए।Tuesday, 22 January 2019
आज़ाद भारत की कमान अगर नेताजी के हाथ आती तो आज दुनिया की सिथति कुछ और ही होती ।
दिल्ली [वॉयस ऑफ़ भारत ] भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक और आज़ाद हिन्द सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस पर उनके चरणों में हमारा शत -शत नमन। भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एक ऐसे महानायक हैं जिन्होंने उस समय के सबसे शक्तिशाली अंग्रेजी शासकों के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध किया और अंग्रेजी साम्राज्य की जड़ों को हिला कर रख दिया। नेताजी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लड़ रही देशों की संयुक्त सेना के साथ अपनी आज़ाद हिन्द फ़ौज़ को भी युद्ध के मैदान में उतार कर दुश्मनों के हौंसलें पस्त कर दिए। अफ़सोस जनक बात यह रही की देश की आज़ादी मिलते समय नेताजी न जाने कहाँ लोप हो गए।
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